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Saturday, August 1, 2020

Raksha Bandhan 2020 : जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और सही तरीका | रक्षा बंधन 2020

Raksha Bandhan 2020 : जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और सही तरीका

रक्षा बंधन का यह पवित्र त्यौहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।  बहुत सी जगहों पर इसे श्रावणी पूर्णिमा और राखी पूर्णिमा के नाम से भी जानते है।  इस दिन बहनें भाहियों कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधती हैं और भाहियों की सुखी जीवन की कामना करती हैं। वहीं भाई भी अपनी बहनों की रक्षा करने का वचन और उपहार भी देतें हैं।  इस साल 3 अगस्त , सोमवार के दिन रक्षाबंधन मनाया जाएगा।  इस बार बन रहे शुभ योग और शास्त्रों के अनुसार इस शुभ दिन किस समय राखी बांधनी चाहिए आइये देखते है।

Raksha Bandhan 2020 Shubh Yog : रक्षा बंधन 2020 शुभ योग 


इस बार भाई बहन का प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन 3 अगस्त को कई शुभ योगों के साथ आएगा। इस बार श्रावणी पूर्णिमा के साथ महीने का श्रावण नक्षत्र भी 3 अगस्त को पूरे दिन रहेगा जिससे इसकी शुभता और बढ़ जायेगी।  इसके अलावा इस दिन सावन माह का आखिरी सोमवार और सर्वार्थ सिद्धि का विशेष संयोग रहेगा।  ज्योतिष अनुसार इस बार राखी पर करीब 29 सालों के बाद सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान का शुभ संयोग बन रहा है।  साथ की इस बार राखी पर भद्रा का साया भी नहीं रहेगा।  


रक्षा बंधन शुभ मुहूर्त 2020 


  • साल 2020 में रक्षाबंधन का पर्व 3 अगस्त, सोमवार के दिन है। 
  • सावन पूर्णिमा तिथि शुरू होगी - 2 अगस्त रविवार रात्रि 09:28 मिनट पर। 
  • सावन पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी - 3 अगस्त, सोमवार रात्रि 09:28 मिनट पर। 
  • रक्षा सूत्र बांधने का शुभ मुहूर्त होगा - 3 अगस्त, सोमवार प्रात:काल 09:28 मिनट से रात्रि 09:17 मिनट तक। 
  • रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त - दोपहर 01:48 मिनट से शाम 04:29 मिनट तक। 
  • रक्षा बंधन प्रदोष काल मुहूर्त - शाम 07:10 मिनट से रात्रि 09:17 मिनट तक। 
  • भद्रा काल समाप्ति का समय होगा - प्रात:काल 09:28 मिनट पर। 


रक्षाबंधन पूजा-विधि 


रक्षा बंधन के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर पूजा की थाल सजाये।  थाल में रोली ,अक्षत ,चन्दन ,पुष्प , मिठाई और रंग बिरंगी राखियां रखें और दीपक जलाएं।  थाल को पूजा स्थल पर रखकर सभी देवी देवताओं का स्मरण कर धूप दीप जलाएं और भगवान् का आशीर्वाद लें। पूजा के बाद भाई को आसान पर बिठाकर उनका तिलक कर उनके दाहिनी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के बाद मिठाई खिलाकर पूजा संपन्न करें।  राखी बंधवाने के बाद भाई भी बहनों को रक्षा का वचन और कुछ उपहार भेट दें। 


किस समय न बांधें राखी 


ज्योतिष शास्त्र अनुसार ऐसी मान्यता है कि कुछ समय या काल ऐसा भी होता है जब भाई कि कलाई पर राखी नहीं बाँधी जाती इसे शुभ नहीं माना जाता है वो समय है भद्रा काल। शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ काल नहीं किये जातें हैं।  इसके अलावा इस बात का ध्यान भी रखा जाना चाहिए कि राखी बाँधते वक्त कक्ष में अंधेरा नहीं होना चाहिए।  राखी बाँधते समय भाई या बहिन में से किसी का भी मुख दक्षिण दिशा में न हो क्योकि दक्षिण दिशा में नकारात्मक शक्तियां प्रबल रहती हैं। 


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